ठेले से शुरू हुआ संघर्ष, रोजाना 1000 से ज्यादा बर्गर की सेल, कमाई भी जबरदस्त

कोटा का “साई बर्गर” आज संघर्ष, मेहनत और परिवार की एकजुटता की मिसाल बन चुका है. पिता के देहांत के बाद बड़े भाई बंटी ने 2005 में एक छोटा ठेला लगाकर परिवार की जिम्मेदारी उठाई. मां ने हर कदम पर साथ दिया और 10 साल का छोटा भाई रोहित भी स्कूल के बाद ठेले पर हाथ बंटाता था. आज स्टेशन के पास उनका बर्गर पॉइंट एक दिन में 1000 से ज्यादा बर्गर बेचता है. सस्ते दाम, देसी स्वाद और कड़ी मेहनत ने उन्हें कोटा की नई पहचान बना दिया है.

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