Eco-friendly Polythene Startup: छतरपुर के सत्यांशु खरे ने मुंबई की लाखों रुपये की नौकरी छोड़कर एक अनोखा स्टार्टअप शुरू किया है जो ईको-फ्रेंडली पॉलिथीन बनाता है. टाटा मेमोरियल अस्पताल में बच्चों को कैंसर से जूझते देख उन्होंने प्लास्टिक के खिलाफ काम करने का फैसला लिया. उनकी बनाई पॉलिथीन 8 से 9 महीने में खुद ही खत्म होकर खाद बन जाती है और पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं पहुंचाती. इस स्टार्टअप का नाम ‘Ecomiracle’ है और इसका उद्देश्य प्लास्टिक को खत्म कर पर्यावरण को बचाना है. सत्यांशु की यह कहानी उन लोगों के लिए प्रेरणा है जो कुछ अलग और समाज के लिए अच्छा करना चाहते हैं.
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