Video: पपीता खाइए, बीज से तिजोरी भरिए! ₹1500 किलो बिक रहा है वेस्ट, 60 दिनों में किसान मालामाल

Papaya Seed Business: खेती में नवाचार कैसे फर्श से अर्श तक पहुंचा सकता है, इसका जीवंत उदाहरण वैशाली के किसान धर्मेंद्र सिंह ने पेश किया है. आमतौर पर पपीता खाने के बाद फेंक दिए जाने वाले बीज अब काला सोना साबित हो रहे हैं. धर्मेंद्र ने पारंपरिक फल बिक्री से इतर बीजों की प्रोसेसिंग शुरू कर महज दो महीने में लाखों का मुनाफा कमाकर सबको हैरान कर दिया है. धर्मेंद्र बताते हैं कि पपीते के बीजों की मांग नर्सरी, हाइब्रिड खेती और आयुर्वेदिक दवाओं में तेजी से बढ़ी है. प्रक्रिया बेहद सरल है. पके फल से बीज निकालकर उनकी चिपचिपी परत धोकर छाया में 7-10 दिन सुखाया जाता है. कम लागत वाली इस तकनीक से तैयार बीज बाजार में ₹800 से ₹1500 प्रति किलो तक बिक रहे हैं. कृषि विशेषज्ञों के अनुसार एक एकड़ की फसल से प्राप्त बीजों से किसान अपनी आय कई गुना बढ़ा सकते हैं. सरकारी योजनाओं के सहयोग से अब वैशाली के अन्य किसान भी इस वेस्ट टू वेल्थ मॉडल को अपनाकर आर्थिक मजबूती की नई इबारत लिख रहे हैं.

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