Zara success story: ज़ारा के मालिक ने बचपन में इतनी गरीबी देखी, जिसकी कोई हद नहीं थी. 14 साल की उम्र में पढ़ाई छोड़कर डिलीवरी बॉय का काम किया. इसी दौरान उसने अपने बिजनेस का सपना देखा और ज़ारा (Zara) की स्थापना की. उसका मकसद था कि लग्जरी फैशन आम आदमी की पहुंच में हो, फिर चाहे महंगे ब्रांड्स को कॉपी ही क्यों न करना पड़े. कहते हैं कि इनके डिजाइनर दुनियाभर में घूमते रहते हैं और जहां भी कुछ अच्छा दिखता है, उसका स्केच कंपनी को भेज देते हैं. आज ज़ारा का साम्राज्य बिलियन डॉलर्स का है.
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