हौसले बुलंद हो और इरादे नेक, तो इंसान शून्य से शिखर तक का सफर तय कर सकता है. बिहार की बबीता कुमारी ने इस बात को सच कर दिखाया है. साल 2018 में महज 600 रुपये की मामूली पूंजी से अपना सफर शुरू करने वाली बबीता आज न केवल खुद आत्मनिर्भर हैं, बल्कि ‘अगरबत्ती क्वीन’ के रूप में अपनी पहचान बना चुकी हैं. उन्होंने घरेलू चूल्हे-चौके से निकलकर उद्यमिता की दुनिया में कदम रखा और आज उनका सालाना टर्नओवर लाखों में है. बबीता की यह कहानी उन तमाम महिलाओं के लिए एक मिसाल है जो आर्थिक तंगी के कारण अपने सपनों को दबा देती है.
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